Sunday Special

  • रोशनी – का,हिज्र – इतना,

    रोशनी – का,हिज्र – इतना, और – तेरा,जिक्र – कितना ? ऊबड़खाबड़,मन की,कवायद, है सांवली,हर फ़िक्र लिखना, रोशनी – का,हिज्र…

    Read More »
  • रोशनी

    रोशनी – खिल,कर उठेगी, पर्वतों की ओर से, और मैं,कह दूंगा स्वागत, नई – नवेली भोर से, रोशनी खिल कर…

    Read More »
  • बुढापा

    किसी ने द्वार खटखटाया मैं लपककर आई जैसे ही दरवाजा खोला तो सामने बुढ़ापा खड़ा था भीतर आने के लिए…

    Read More »
  • नाटा – है – मन

    नाटा – है – मन, पर्वतों की तरह, सुर्ख,भीगा – धीमा, शरबतों की तरह, नाटा – है – मन, पर्वतों…

    Read More »
  • दीपावली

    दीयों की, गुस्ताखियाँ – आज, अंधेरे को, जमने ना देंगी, एक,अपनी सी,महक हैं, शोक को, थमने ना देंगी, दीयों की,…

    Read More »
  • ……कहना ज़रूर……

    कभी जो आये मन में कोई बात उसे कहना ज़रूर न करना वक्त का इंतज़ार न होना मगरूर । जब…

    Read More »
  • मनमोहक – मध्यप्रदेश

    मन – मोहक – मध्य प्रदेश, महाकाल की,धरती मिलता, माँ – नर्मदा,स्नेह विशेष, मन – मोहक – मध्य प्रदेश. पन्ना…

    Read More »
  • खुशबु

    खुशबु अवनि पल में – उभरेगी, बिखर – जायेगी, खुशबु – भला, किस – किसके घर जायेगी ! अंधेरों ने…

    Read More »
  • चाँद तुम,रखना संभाल, चंद्रयान –को

    चाँद तुम,रखना संभाल, चंद्रयान – को, हम भारतीय,पाएंगे फिर, अपने मुकाम को, चाँद तुम,रखना संभाल, चंद्रयान – को ! मेहनत…

    Read More »
  • स्वागत–देव–गणेश

    रंगों में बिखरे,निखरे हैं, उन्नत ये,क्षण – विशेष, स्वागत है,गजनायक,गणपति, शुभदाता – देव – गणेश, रंगों में बिखरे,निखरे हैं, उन्नत…

    Read More »
Back to top button
Close