भोपाल

वक़्फ़ जायदादें खत्म होने की कगार पर जागो भोपाल जागो

नरसिंहपुर/नरसिंहपुर केसरी- मुतवल्ली कमेटी इन्तिज़ामिया औकाफ आम्मा भोपाल का वुजूद खत्म किये जाने ओर बोर्ड में मर्ज़ी का फैसला अदूरदर्शी, अविवेकपूर्ण, गैरजिम्मेदाराना ओर मूर्खतापूर्ण ओर वक़्फ़ जायदादें समाप्त करने की साज़िश ही माना जायेगा। ट्रांसफर आर्डर जारी होने के बाद पूर्व सीईओ जमील खान ने यह फैसला गुपचुप “हरिराम नाई” के साथ लिया है। साज़िश का सूत्रधार हरिराम ही है। यह फैसला भोपाल के गरीब ज़रूरतमन्द मुसलमानों पर बर्बरतापूर्ण प्रहार है। जिसके खिलाफ मुस्लिम संगठन लामबन्द हो गए हैं। जिसको लेकर जल्द प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया जाएगा। वक़्फ़ का वुजूद खत्म हो जाने से हज़ारों वक़्फ़ किरायेदार, पेंशन पाने वाली विधवाएं, गरीब छात्र छात्राएं, तनखाह पाने वाले इमाम मोअज़्ज़िन, सभी परेशान हो जाएंगे – औकाफ के कर्मचारियों के भविष्य का क्या होगा? वक़्फ़ बोर्ड कर्मचारियों का सेटअप तो शासन से मंजूरशुदा है। वक़्फ़ के बैंक अकॉउंट का क्या होगा? जब औकाफ आम्मा ही नहीं होगा तो उसके भयानक दुष्परिणाम आएंगे। हरिराम नाई ने शरारतपूर्ण तौर पर अपने आक़ा को खुश करने के लिए सीईओ से यह कुकृत्य कराया है। हाई कोर्ट में इनके खिलाफ कार्यवाही के लिए केस लगाया जाएगा। यह तो अच्छा रहा सीईओ की विदाई हो गई वरन सम्भवता आने वाले वक्त में यह वक़्फ़ बोर्ड ही समाप्त कर देते। जब ज़मीर मर जाता है तो ऐसे ही फैसले होंगे। जागो भोपाल जागो-वक़्फ़ जयदादों पर मूसीबतों का पहाड़ टूटने वाला है। गरीबों मोहताजों की आहें पूरे भोपाल पर मुसीबतों का पहाड़ गिराएगी, कोई नहीं बच पायेगा। गरीबो की आहों से अर्श भी हिल जाता है।

मो.आमिर खान स्थानीय संपादक

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