भोपाल

म.प्र.सहित देश की वक़्फ़ सम्पत्तियों के गुनहगारों का रिकार्ड भारतम बुक ऑफ रिकार्ड पर

भारतम के फाउंडर मेम्बर एवं चीफ एडिटर मो.हुसैन पठान का एलान

भोपाल/नरसिंहपुर केसरी- वैसे तो भ्र्ष्टाचार की कहानी नई नहीं है लेकिन भारत के इतिहास में पहली बार वक़्फ़ बोर्ड की बेशकीमती सम्पत्तियों के गुनहगारों का भारतम बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज होने जा रहा है।भारतम बुक ऑफ रिकार्ड के फाउंडर मेम्बर एवं चीफ एडिटर मो.हुसैन पठान ने आज नरसिंहपुर केसरी के स्थानीय संपादक मो.आमिर खान को जानकारी देते हुए बताया कि सम्पूर्ण भारत सहित म.प्र.वक़्फ़ बोर्ड में अरबों रुपए की वक़्फ़ सम्पत्तियों को नुकसान पहुँचा कर रिकार्ड कायम करने वाले वक़्फ़ के गुनहगारों को वे जल्द भारतम बुक ऑफ रिकार्ड पर प्रदर्शित करेंगे आगे श्री पठान ने बताया म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड के कुछ सीईओ व उनके मातहत रहे कर्मचारी को वक़्फ़ जायदादों को नुकसान पहुंचाने की लिए खमियाज़ा भी भुगतना पड़ा है।
जिसमे एक सीईओ ने वक़्फ़ की दुकानों को 14 लाख में किराए पर दे दिया, बाद में यही दुकानें 14 करोड़ की प्रीमियम पर किराये पर दी गई। पूर्व सीईओ पर केस दर्ज हुआ उन्हें एक महीने जेल में रहना पड़ा।
दो सीईओ पर FIR दर्ज हैं एक कि गिरफ्तारी हो चुकी है एक का केस पेश होने वाला है। एक सीईओ नो 75 लाख की ज़मीन लें कर 8 करोड़ की ज़मीन देने को मंजूरी दी। इसमें बोर्ड के स्थायी वकील का क़ानूनी मशवरा था ज़मीन की अदलाबदली वक़्फ़ हित में है।
एक सीईओ ने बहुत से वक़्फ़ ज़मीनें ओने पोन किराये पर दे दीं। रिटायर होने के बाद उनकी पेंशन रुकी हुई है, जांचे लम्बित हैं।
वहीं एक ओर सीईओ पर FIR है हाई कोर्ट से जमानत पर, इन्क्रीमेंट रुके। जांचें पेंडिंग।
इसके अलावा पांच कर्मचारी भी जेल जा चुके। हाल ही में 6 माह में ही बोर्ड से हटाए गए एक सीईओ के कार्यों पर जांच, FIR की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
यह सब इसलिए हुआ कि इन सभी ने वक़्फ़ की जयदादों को नुकसान पहुंचाया। ओर वक़्फ़ क़ानून के खिलाफ काम किया था।

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