भोपाल

वक़्फ़ बोर्ड के नए सीईओ के समक्ष बड़ी चुनोती मुतवल्ली कमेटी का किस प्रकार क़ानून के विपरीत होगा अधिग्रहण

भोपाल/नरसिंहपुर केसरी- वक़्फ़ बोर्ड में नए सीईओ ने कार्यभार तो सम्भाल लिया है परंतु सबसे पहले उनके सामने भोपाल मुतवल्ली कमेटी का कानून के विपरीत किया गया अधिग्रहण बड़ी चुनोती है। क्योंकि प्रथम दृष्ठि यह तथाकथित अधिग्रहण वक़्फ़ अधिनियम के विपरीत है। सबसे पहले तो नए सीईओ को बोर्ड के अधिकारियों कर्मचारियों और बोर्ड को अधिकारियों की इच्छानुसार क़ानूनी सलाह देने वाले बोर्ड के दो स्थायी वकीलों से एक दस्तावेज मांग लें ओर वो है वक़्फ़ अधिनियम की धारा 36 के अंतर्गत मुतवल्ली कमेटी का रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र और वो है ही नहीं। मुतवल्ली कमेटी तो भोपाल के 400 वक़्फों का एक समूह है जिसे बोर्ड द्वारा भोपाल के वक़्फों की व्यवस्था के लिए गठित किया गया था। इसके अतिरिक्त और भी अनेक क़ानूनी पेचीदगियां हैं जिन्हें बोर्ड के क़ानूनी सलाहकारों ने अधिकारियों से छुपाया है जिसके चलते मामला हाई कोर्ट में जाने के बाद बोर्ड को मुंह की खानी पड़ेगी और हार का मुंह देखना पड़ेगा।

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