गोटेगांव

मेरे मामाश्री दिनेश पटेल चढ़ गये सिस्टम की भेंट – मोनू पटैल

गोटेगांव/नरसिंहपुर केसरी- भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के भतीजे पूर्व राज्यमंत्री नरसिंहपुर विधायक जालमसिंह पटेल के सुपुत्र युवा नेता मणिनागेंद्र सिंह मोनू पटेल के मामा जी समाजसेवी श्री दिनेश पटेल का इलाज के दौरान आकस्मिक स्वर्गवास हो जाने के उपरांत युवा नेता ने कठिन शब्दों में मध्यप्रदेश सरकार को एक बार फिर कोसते आरोप लगाते हुए कहा कि मामा शब्द का अर्थ पता है उसमें दो माँ आती है तब मामा बनता है और आज हमने हमारे प्रिय छोटे मामा को खो दिया,मेरे मामाश्री दिनेश पटेल भी इस लचर सिस्टम कालाबाजारी और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए, बचपन से जब मैं अपनी मां के साथ मामाश्री के घर जाता था तो वहां से अब तक मुझे अटूट प्यार मिला, मेरे मामाश्री एक नेकदिल इंसान के साथ साथ भगवान के अनन्य भक्त भी थे। कुछ दिन पहले ही उन्होंने अपने यहां पर भगवत गीता का पाठ भी करवाया था और उस भगवती गीता में यही कहा गया है कि इंसान सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए ना जिए वह दूसरों की मदद भी करें इससे बड़ा पुण्य कुछ नहीं होता यह तो रही मेरे मामाश्री की बात जिनको मैं कभी भुला नहीं पाऊंगा। लेकिन शासन के इस लचर सिस्टम ने कई लोगों की जान ली उनमें से मेरे मामाश्री भी एक हैं आखिरकार मेरी नजरों में यह सिस्टम पहले से ही फेल था अब तो यह सिस्टम कालाबाजारी और भ्रष्टाचार की भेंट भी चढ चुका है कोरोनाकाल महामारी के दौर में मैने कई बार अपने सोशल मीडिया व समाचार पत्रों पर कई लेख लिखे जिनके जरिए में सिर्फ यही चाह रहा थाकि किसी भी तरीके से मेरा लचर सिस्टम ठीक हो जाए लेकिन मैंने भी लचर सिस्टम के सामने अपनों को खो दिया अब तो मुझे सिर्फ लगने लगा हैकि हॉस्पिटल्स से अच्छा है कि आप घर में ही मर जाएं मैं ऐसा इसलिए बोल रहा हूं क्योंकि आज मैंने अपना कोई खोया है हम हॉस्पिटल जाते हैं उम्मीद रहती हैकि हम जल्द से जल्द स्वस्थ हो जाएंगे लेकिन आए दिन खबरों को देखते हुए लगने लगा है कि सिस्टम के अंदर कालाबाजारी और भ्रष्टाचार ने अपनी जड़े काफी मजबूत बना ली है उनकी फैली हुई जड़ों के शिकंजों में जकड़ा वेबस इंसान दम तोड़ने के अलावा कुछ नहीं कर पा रहा है इसका जीता जागता ताजा मामला हमारी संस्कारधानी जबलपुर का ही है जहां पर सिस्टम का एक व्यक्ति लाखों फर्जी इंजेक्शन बेच चुका है हजारों लोगों की उस व्यक्ति ने जान ले ली ऐसा नहींकि यह अकेले हैं इस तरीके के सिस्टम के कई सब्सीट्यूट आप लोगों के आसपास में घूम रहे हैं उम्मीद होती हैकि किसी भी तरीके से हम इसे सुधार सकें लेकिन यह लचर सिस्टम अब सुधरने वाला नहीं है मुझे शर्म आती है मेरे प्रदेश के उन तमाम नेताओं पर जो बड़ी-बड़ी बातें किया करते हैं और कहते हैंकि जल्द से जल्द इस महामारी को दौर से हम निकल जाएंगे,यह तो सबको पता हैकि महामारी का दौर है इसके बाद में खुशहाली आएगी ,लेकिन आप गद्दी पर बैठकर क्या कर रहे हैं,इस कोरोनाकाल महामारी के दौर में सिस्टम आपने सिर्फ पैसे कमाना ही सीखा हैं सिस्टम का हर वह व्यक्ति जो पैसे कमाने के लिए बना है उसके लिए कोरोना काल एक भव्य आयोजन के रूप में आया है मैं पूरे देश की बात कर रहा हूं जहां पर दिल दहला देने वाली खबरें हर दिन आती हैं किसी ने अपने बेटे को खो दिया किसी ने अपने पति को खो दिया किसी ने अपना मित्र खो दिया  किसी ने अपना पूरा परिवार को ख़ो दिया,कुल मिलाकर कहें तो कहीं कहीं जगह तो ऐसी खबरें सुनने मिल रही हैंकि परिवार में कोई नहीं बचा है इसका जिम्मेदार सिर्फ यह सिस्टम है एक बात और की आज मैंने अपने मामा को खोया है लेकिन तुम पैसे के नशे में इस कदर चूर होकि तुमको अपने वालों की मौत भी पैसों की तुलना में कम लगने लगी है। अभी भी समय है जाग जाओ वरना पछतावा के अलावा कुछ हाथ नहीं लगेगा यह बात युवा नेता ने सोशल मिडिया के जरिए कही।

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