भोपाल

भोपाल ताजुल मसाजिद में होगा वैक्सीनेशन, उलेमाओं से लेकर प्रबुद्धजन तक लगवाएंगे सेहत का टीका

एसडीएम जमील खान की इस पहल को उलेमाओं ने सराहा

भोपाल/नरसिंहपुर केसरी- राजधानी के ताजुल मसाजिद में मंगलवार को वैक्सीनेशन कैंप लगाया जाएगा। अस्पतालों की लंबी कतारों से बचाने और शहर के बीच उपलब्धता की मंशा के साथ इस स्थान को चुनने की एक वजह सेहत को इबादत से जोड़ने की नीयत भी है।

एसडीएम एवं वक़्फ़ बोर्ड के सीईओ जमील खान की देखरेख में लगाए जाने इस वैक्सीनेशन कैंप में शहीद नगर, साजदा नगर,परी बाजार, नियामतपुरा, शाहजहानाबाद, रॉयल मार्केट, इमामी गेट, पीर गेट, नूर महल, काजी कैंप, ईदगाह हिल्स, वाजपई नगर, कोहेफिजा आदि क्षेत्र के लोगों को आसान वैक्सीनेशन देने की तैयारी की गई है। लोगों तक इस कैंप का जानकारी पहुंचाने के लिए संबंधित क्षेत्रों में अनाउसमेंट करवाया गया है।

इसके अलावा सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों को इसकी सूचना दी जा रही है। एसडीएम जमील खान ने बताया कि इस कैंप के दौरान ताजुल मसजिद के आसपास स्थित विभिन्न सरकारी और निजी दफ्तरों के कर्मचारियों, दुकानदारों आदि को भी वैक्सीन लगवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि कैंप के दौरान सरकारी गाइडलाइन के मुताबिक ४५ वर्ष से अधिक आयु के लोगों का वैक्सीनेशन किया जाएगा। वैक्सीन लगवाने वालों को नियमानुसार प्रमाण पत्र भी जारी किया जाएगा।

हमारे उलेमाओं ने दिया है फतवा
एसडीएम जमील खान ने बताया शहर मुफ्ती मोहम्मद अबुल कलाम कासमी से वैक्सीनेशन को लेकर फतवा लेकर शरई हुक्म की जानकारी भी ली है। जिसमें उलेमाओं ने किसी भी बीमारी के इलाज और सेहत के लिए की जाने वाली कोशिश को शरीयत का हिस्सा करार दिया है। गोरतलब है कि इससे पहले नवाब शासनकाल में बेगमात ने भी १९२४ में उलेमाओं से एक फतवा लिया था, जिसमें किसी बीमारी के लिए उपचार प्रक्रिया में शरई हुक्म पता किया था, जिसमें उलेमाओं ने सेहत के लिए किए जाने वाले प्रयासों और अपनी जान की हिफाजत करने को इबादत का हिस्सा करार दिया था।
एसडीएम जमील खान ने बताया कि सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक शहर में वैक्सीनेशन कैंप लगाए जा रहे हैं। तय आयु वर्ग के मुताबिक केवल लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इन कारों की शुरुआत शनिवार से होगी। ताजुल मसजिद में होने वाले कैंप में सभी उलेमा और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहेंगे।दूसरे डोज के खास इंतजाम

एसडीएम जमील खान ने बताया कि पहले डोज लगाने के 28 दिन बाद दूसरा डोज लेना है। इस दौरान रमजान शुरू होने के कारण मुस्लिम धर्मावलंबियों को परेशानी हो सकती है। इसके कारण विशेष व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। चूंकि रमजान माह में रोज़ा के दोरान इंजेक्शन नहीं देखे जा सकते थे। ऐसे में मुस्लिम धर्मावलंबियों के लिए रात को रोजा इनामी के बाद वैक्सीनेशन कैंप लगाया जाएगा। इस दौरान इस बात की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी कि रात्रिकालीन कर्फ्यू की वजह से लोगों को वैक्सीनेशन कैंप तक पहुंचने में दिक्कत न हो।

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