नरसिंहपुर

श्रद्धालुओं को पुण्यलाभ अर्जित करने बस से बरमान लेकर पहुंचे पार्षद

नरसिंहपुर/नरसिंहपुर केसरी- शुक्रवार को माँ नर्मदा के प्राकट्योत्सव पर पूरे जिले में नर्मदा के घाटों पर काफी भीड़ रही श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा अनुसार मां की भाव भक्ति से पूजा अर्चना आराधना की और तरह-तरह के भक्ति भाव के साथ लोग मां नर्मदा के तट पहुंचे कोई पैदल तो कोई चुनरी लेकर एवं कोई दंड भरते हुए माँ के द्वार पहुंचे वहीं श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर मां नर्मदा से सुख समृद्धि की कामना की और नर्मदा के सभी घाटों पर अपार जनसमूह देखने को मिला एंव संध्या कालीन भक्तों द्वारा दीपदान कर मां नर्मदा का पूजन अर्चन किया।

जगह-जगह लगे भंडारे

माँ नर्मदा के जन्म उत्सव पर श्रद्धालुओं द्वारा जगह-जगह भंडारे का आयोजन किया गया एवं आने- जाने वाले भक्तों को भरपूर प्रसाद वितरण किया गया भक्तों द्वारा फलाहारी एवं तरह-तरह के पकवान बनाकर भक्तों को खिलाई गई एवं समस्त जीव जगत के कल्याण की मां जगत जननी पतित पावनी मां रेवा से कामना की।

वेदों के अनुसार होती है आराधना

वेदानुसार एकमात्र हिंदू धर्म ऐसा धर्म है जिसमें 33 कोटि देवी-देवताओं के साथ-साथ पेड़- पौधे, जीव-जंतुओं आदि की भी पूजा-अर्चना की जाती है। इतना ही नहीं इसमें नदियों के साथ घाटों को भी धार्मिक महत्व प्रदान है। यही कारण है कि हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह में कोई न कोई त्यौहार हिंदू धर्म में आता ही रहता है जिनमें से कई पर्वों का संबंध उपरोक्त बताए जीव-जंतु या नदियों आदि से होता है। महाभारत, रामायण सहित अनेक हिंदू धर्म शास्त्रों में उल्लेख मिलता है कि मां नर्मदा की उत्पत्ति भगवान शिव जी से हुई थी।

संझा के समय हुए दीपदान 

वेदानुसार मां नर्मदा के दर्शन से ही पापों का विनाश हो जाता है एंव नर्मदा के प्रकटोत्सव  पर मां नर्मदा का पूजा-अर्चना, दीपदान, स्नान एवं दर्शन मात्र करने से मनुष्य के पापों का नाश हो जाता है। यही कारण है कि नर्मदा नदी के तटों पर श्रध्दालुओं ने बड़ी संख्या में दीपदान किया।

बस से अनेकों श्रद्धालुओं को बरमान लेकर पहुंचे पार्षद श्री नेमा 

माँ नर्मदा जयंती के शुभ अवसर पर नरसिंहपुर के बजरंग वार्ड पार्षद अस्सु नेमा के द्वारा पुण्यसलिला माँ नर्मदा के अनेक श्रद्धालुओं को बस द्वारा नर्मदा तट बरमान ले जाया गया जहां से पंचकोसी यात्रा के उपरांत पूजन, व भंडारा की समुचित व्यवस्था नेमा के द्वारा की गई। बस से बरमान पहुंचे सभी श्रद्धालुओं ने श्री नेमा को धन्यवाद दिया।

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