नरसिंहपुर

बगैर अनुज्ञापत्र के गौवंश के क्रूरतापूर्वक परिवहन पर टाटा माजदा वाहन व 20 गौवंश राजसात

नरसिंहपुर/नरसिंहपुर केसरी- परिवहन अनुज्ञापत्र प्राप्त किये बगैर गौवंश के क्रूरतापूर्वक परिवहन किये जाने के एक मामले में जिला दंडाधिकारी वेद प्रकाश ने जप्त एक टाटा माजदा वाहन और 20 गौवंश राजसात करने का आदेश जारी किया है। यह आदेश मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004 और मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध नियम 2012 के नियम 5 के प्रावधानों के तहत जारी किया गया है।
इस सिलसिले में एक वाहन टाटा माजदा क्रमांक एमएच 49 एटी 3825 और 20 गौवंश (गाय, बछड़ा, बछिया) को जप्त किया गया था। इस मामले में मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004 के तहत थाना प्रभारी सुआतला ने प्रतिवेदन जिला दण्डाधिकारी के न्यायालय में प्रस्तुत किया था। प्रकरण में इश्तगाशा के साथ प्रथम सूचना रिपोर्ट, जप्ती पत्रक, पंचनामा, हिफाजतनामा एवं वाहन के दस्तावेजों की प्रतियां संलग्न की गई थी।
थाना प्रभारी के प्रतिवेदन में बताया गया था कि 27-07-2020 को थाना सुआतला के अंतर्गत मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम समनापुर कुछ लोग एक ट्रक में गौवंश भर रहे हैं। सूचना मिलने पर स्टाफ तिलिया महुआ एनएच 12 के पास उक्त टाटा वाहन बंधी प्लांट के पास चालू हालत में खड़ा मिला, जो चारो तरफ से बंद था। ट्रक की तिरपाल खुलवाने पर उसमें 30 गौवंश क्रूरतापूर्वक ठूंस- ठूंस कर भरे पाये गये थे। गौवंश के पैर एवं मुंह रस्सियों से बंधे हुए थे। इनमें से 10 गौवंश मृत पाये गये थे। जीवित गौवंश को दयोदय पशु सेवा केन्द्र बीना जिला सागर में रखवाया गया और प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अनावेदक शेख साजिद पिता शेख अकील आजाद कॉलोनी कामठी रोड नागपुर महाराष्ट्र को कारण बताओ नोटिस जारी किया। वे न्यायालय में उपस्थित नहीं हुये। इस कारण उनके विरूद्ध एक पक्षीय कार्रवाई की गई।
उक्त वाहन में परिवहन अनुज्ञा पत्र प्राप्त किये बिना ही गौवंश का क्रूरता पूर्वक परिवहन किया जाना पाया गया। जिन परिस्थितियों में गौवंश का परिवहन किया जा रहा था, उससे स्पष्ट रूप से यह विश्वास योग्य था कि गौवंश का परिवहन वध के प्रयोजन के लिए किया जा रहा था। इन सभी तथ्यों पर एवं कानूनी प्रावधानों पर विचार करते हुए जिला दंडाधिकारी ने उक्त जप्तशुदा वाहन एवं गौवंश शासन के पक्ष में राजसात किये जाने का आदेश पारित किया।
इस संबंध में जिला दंडाधिकारी ने उप संचालक पशु चिकित्सा सेवायें को निर्देश दिये हैं कि जब्तशुदा गौवंश के स्वास्थ्य परीक्षण एवं रखरखाव की आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें।

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