जबलपुर समाचार

जबलपुर के ग्राम मुकनवारा में बनेगा ड्राइविंग स्कूल

जबलपुर/नरसिंहपुर केसरी- शहर को अगले करीब छह माह में ड्राइविंग स्कूल की सौगात मिल जाएगी । क्योंकि शहर में सरकारी ड्राइविंग स्कूल बनाने का रास्ता साफ हो गया है। परिवहन विभाग ने ड्राइविंग स्कूल के लिए आरटीओ को बारगी विधानसभा क्षेत्र के मुकनवारा में करीब 15 एकड़ भूमि आवंटित कर दी गई है। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद स्कूल बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसकी लागत करीब तीन करोड़ रुपये आएगी। ड्राइविंग स्कूल पीपीपी ( पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप ) मॉडल पर संचालित किया जाएगा।
आरटीओ ने भेजा प्रस्ताव: जमीन मिलने के साथ ही आरटीओ ने एक कदम आगे बढ़ते हुए शासन को ड्राइविंग स्कूल खोलने संबंधी प्रस्ताव भी भेज दिया गया है। दावा किया जा रहा है कि अनुमति मिलते ही टेंडर जारी कर दिए जाएंगे।
शहर में चल रहे दो दर्जन से ज़्यादा निजी स्कूल,मोटी फीस वसूल रहे: शहर में अभी दो दर्जन से ज़्यादा निजी ड्राइविंग स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। जो ड्राइविंग सीखने के नाम पर चार से छह हजार रुपये तक कि फीस वसूल रहे हैं। सरकारी स्तर पर बनने वाले ड्राइविंग स्कूल में न सिर्फ फीस कम लगेगी बल्कि सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा।

स्कूल के लिए जरूरी हैं ये नियम, जिनका नहीं हो रहा पालन
●परिवहन विभाग से लाइसेंस, प्रशिक्षण देने के लिए मोटर इंजीनियरिंग प्रशिक्षण ज़रूरी।
● वाहन सीखने के लिए पांच साल कमर्शियल वाहन चलाने का अनुभवी।
● वाहन में दोहरे नियंत्रण की सुविधा हो, प्रशिक्षण के लिए मॉडल संकेत।
● यातायात चिन्ह , वाहन के सभी पार्ट्स के ब्यौरे वाला चार्ट लगा हो।
● मोटरयान का इंजन, गियर बॉक्स , टायर, लिवर, पंक्चर किट, व्हील ब्रेस, जैक, स्पेनर ज़रूरी।
● परिसर में आपात स्थिति के लिए फर्स्ट एड बॉक्स , परिसर में ट्रैफिक संकेत युक्त ड्राइविंग ट्रक ज़रूरी।
कम होगी फीस , प्रशिक्षण सीखाएंगे
● ड्राइविंग स्कूल पीपीपी मॉडल पर संचालित लिया जाएगा। – ड्राइविंग सीखने के लिए वाहन और प्रशिक्षण नियुक्त कीए जाएंगे ।
● ड्राइविंग ट्रैक , क्लासरूम आधुनिक होंग।
● ड्राइविंग स्कूल की फीस अन्य निजी स्कूलों के मुकाबले काफी कम होगी।
● कॉर्स की समय सीमा कितनी होगी यह निर्णय बाद में लिया जाएगा।

“ड्राइविंग स्कूल खोलने के लिए बरगी के मुकनवार में 15 एकड़ जमीन शासन ने आवंटित कर दी है। शासन को प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है। शासन से अनुमति मिलते ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ड्राइविंग स्कूल संसाधनयुक्त होगा।”
 – संतोष पाल, आईटीओ 

Tags

Related Articles

Back to top button
Close