छिंदवाड़ा समाचार

सकारात्मक सोच से ही बदलाव आता है, छिन्दवाड़ा इसका उदाहरण

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने छिन्दवाड़ा में एफ.डी.डी.आई. के
दीक्षांत समारोह को संबोधित किया

छिन्दवाड़ा – मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि सकारात्मक सोच से ही बदलाव आता है। छिन्दवाड़ा में जो भी आज विकास हुआ है वह यहां की लोगों की सकारात्मक सोच का परिणाम है। श्री नाथ आज छिन्दवाड़ा में फुट वेयर डिजाईन एण्ड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट के दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कहा कि 40 साल पहले जब वे पहली बार छिन्दवाड़ा के सांसद बने तब यहां पर विकास की जरूरत मैंने महसूस की। यहां पैसेंजर बस भी नहीं थी। पार्ढुंना में रेल नहीं रूकती थी। पेयजल और बिजली की पर्याप्त उपलब्धता नहीं थी। पातालकोट के हमारे आदिवासी भाई नमक भी बाहर से लाते थे। सड़कें अच्छी नहीं थी। ऐसे हालात देखकर मैंने तय किया कि जब तक इस पूरे क्षेत्र का विकास नहीं होगा, बेरोजगारों को रोजगार नहीं मिलेगा तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगे।
मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कहा कि जब वे वाणिज्य मंत्री थे तब उन्होंने छिन्दवाड़ा के ईमलीखेड़ा में  फुट वेयर डिजाईन एण्ड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट की स्थापना की और छिन्दवाड़ा में की पूरे देश और प्रदेश में अलग पहचान बने यह मिशन शुरू किया। उन्होंन कहा कि प्रदेश और देश ही नहीं बल्कि विश्व में सर्वाधिक प्रशिक्षण संस्थान छिन्दवाड़ा में स्थापित है। इसके जरिए हजारों शिक्षित और अशिक्षित युवाओं को अपने कौशल के आधार पर रोजगार मिला है। उन्होंने बताया कि छिन्दवाड़ा में आज यूनिवर्सिटी है, मेडिकल कॉलेज, एग्रीकल्चर और हार्टिकल्चर कॉलेज है। इतना सब विकास इसलिए संभव हो पाया कि छिन्दवाड़ा जिले के लोगों की सोच और दृष्टिकोण सकारात्मक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छिन्दवाड़ा के विकास से सिर्फ यहां के लोगों का ही नहीं पूरे महाकौशल और पूरे नागपुर तक के लोगों को इसका लाभ मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छिन्दवाड़ा हार्टिकल्चर कॉलेज को आधुनिकतम रूप दिया जाएगा। उन्नत, नवीनतम कृषि और उद्यानिकी फसलों के उत्पादन का विस्तार हो इसकी शिक्षा इस संस्थान में दी जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री नाथ ने एफडीडीआई संस्थान के दीक्षांत समारोह में 2018 और 2019 के शिक्षा सत्र में विभिन्न कक्षाओं के स्वर्ण और सिल्वर मेडल प्राप्त 89 विद्यार्थियों को उपाधियां देकर सम्मानित किया।
एफडीडीआई के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री अरूण कुमार सिन्हा ने बताया कि वाणिज्य मंत्रालय द्वारा वर्ष 1986 में नोएडा में इस संस्थान की स्थापना की थी। पूरे देश में एफडीडीआई के 12 संस्थान स्थापित है जिसमें एक छिन्दवाड़ा जिला है। इस संस्थान को राष्ट्रीय संस्थान का दर्जा प्राप्त है। इसके लिए एफडीडीआई एक्ट 2017 बनाया गया है। इसमें विद्यार्थियों को फुटवेयर डिजाईन, लेदर एक्सेसरी, रिटेल मैनेजमेंट और फैशन डिजाईन के क्षेत्र में स्नातक और स्नातकोत्तर उपाधि दी जाती है। संस्थान की स्थापना से अभी तक विभिन्न विधाओं में 580 विद्यार्थी उर्त्तीण हुए हैं। जिनमें से 322 विद्यार्थी छिन्दवाड़ा जिले के हैं। अध्ययन पूरे होने के बाद यहां से पासआऊट विद्यार्थियों को राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कम्पनियों में रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाए जाते हैं।
कार्यक्रम को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री सुखदेव पांसे, सांसद श्री नकुलनाथ, छिन्दवाड़ा यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. एम.के. श्रीवास्तव, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार बिसेन ने संबोधित किया।

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