नरसिंहपुर

जिले में गुड़ भट्टियों के सुचारू संचालन के लिए बैठक सम्पन्‍न

नरसिंहपुर, 11 अक्टूबर 2019. गुड़ भट्टी के सुचारू रूप से संचालन के लिए कलेक्टर दीपक सक्सेना की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में गन्‍ना कृषकों के साथ बैठक सम्पन्‍न हुई। कलेक्टर ने गुड़ भट्टियों के सुचारू रूप से संचालन करने के लिए प्रशासन द्वारा जारी किये जाने वाले आदेश प्रारूप पर विस्तार से चर्चा की।

         बैठक में कलेक्टर ने कहा कि कृषकों को गुड़ बनाने के लिए भट्टी के संचालन में होने वाली परेशानियों से बचने के लिए तथा बाहर से आने वाले भट्टी संचालकों को तथा इस व्यवसाय से जुड़े अन्य कार्मिकों को व्यवस्थित रूप प्रदान करने के लिए जिले में नई व्यवस्था लागू की जा रही है।

         इसके अंतर्गत उन्होंने कहा कि यदि कृषक एवं कृषक परिवार गुड़ भट्टी का संचालन करना चाहते हैं, तो बिना किसी अनुबंध के प्रशासन द्वारा जारी किये जाने वाले विहित प्रारूप पर लिखित सूचना के आधार पर वह गुड़ भट्टी का संचालन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें प्रशासन द्वारा निर्धारित विहित प्रारूप तहसीलदार कार्यालय में सौंपकर उसकी पावती प्राप्त करनी होगी, जिसे गुड़ भट्टी संचालन हेतु अनुमति माना जायेगा।

         बैठक में बताया गया कि यदि कृषक बाहर से आने वाले व्यक्तियों को अपनी कृषि भूमि में गुड़ भट्टी संचालन हेतु अपनी भूमि प्रदान करना चाहता है, तो उसे विहित प्रारूप पर गवाहों की उपस्थिति में लिखित अनुबंध करना होगा तथा इसकी सूचना तहसीलदार को प्रदान कर तहसीलदार कार्यालय से पावती प्राप्त करनी होगी। यह पावती ही अनुमति मानी जायेगी तथा निरीक्षण के दौरान पावती प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

         बैठक में कलेक्टर ने कहा कि गुड़ भट्टी संचालक यदि किसानों से गन्‍ना खरीदते हैं, तो उन्हें भुगतान की सम्पूर्ण जानकारी रखनी होगी। गुड़ भट्टी संचालकों के यहां कार्यरत मजदूरों एवं श्रमिकों की भी उन्हें सम्पूर्ण जानकारी व उनका लेखा- जोखा रखना होगा। उन्होंने कहा कि कृषक अपने यहां तुलाई के लिए मानक तुलाई काटा अपने खेत में लगा सकते हैं।

         कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सभी तहसीलदार गुड़ भट्टी का रजिस्टर बनायेंगे तथा रजिस्टर्ड गुड़ भट्टी की जानकारी संबंधित थाना क्षेत्र के प्रभारी को प्रदान करेंगे। राजस्व, पुलिस, कृषि, पंचायत एवं श्रम तथा अन्य संबंधित विभाग द्वारा संचालित गुड़ भट्टियों का निरीक्षण किया जायेगा। बैठक में कृषकों ने बिजली बिल सहित अपनी अन्य समस्याओं के बारे में कलेक्टर को अवगत कराया।

         बैठक में कलेक्टर श्री सक्सेना ने कहा कि नरसिंहपुर जिले के लिए गुड़ न केवल एक पहचान है, बल्कि एक ब्रांड भी है। जिला प्रशासन गुड़ भट्टियों के संचालन में हर वाजिब मदद करेगा, लेकिन उन्होंने कहा कि राज्य शासन की मंशा के अनुसार शुद्ध के लिए युद्ध की थीम के अंतर्गत यदि अशुद्ध एवं अमानक गुड़ का निर्माण किया जाता है, तो मिलावट खोरों पर रासुका जैसी कठोर कार्रवाई भी की जायेगी। कृषक गुड़ बनाने के दौरान उनकी शुद्धता का विशेष ध्यान रखें तथा अनुमति प्राप्त कैमिकल पदार्थों का ही प्रयोग करें।

         कलेक्टर ने कहा कि कृषकों को बेहतर एवं मानक पद्धति से गुड़ बनाने के लिए प्रशिक्षण भी प्रदान किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कृषक अपना गुड़ मंडियों में बेचने के लिए आते हैं, तो उनकी समुचित व्यवस्था भी की जायेगी।

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