नरसिंहपुर

नरसिंहपुर जिले में बारिश के साथ 5 तालाब फूटने से 4 गांवों में भरा पानी, अनेक मवेशी मृत

नरसिंहपुर क्षेत्र में हुई जोरदार बारिश के बाद पानी का बहाव तेज होने से अनेक तालाब क्षतिग्रस्‍त हो गए।

नरसिंहपुर- सालीचौका से करीब 10-12 किमी की दूरी पर स्थित ग्राम टूडनी में 5 तालाब फूट गए और उन्होंने 4 गांव में तबाही मचा दी, जिससे ढाई हजार से ज्यादा की आबादी प्रभावित हुई है, सैकड़ों हेक्टेयर की फसल बर्बाद हो गई, पचासों मकान पानी के प्रवाह की मार से ढह गए, बीसों मकान खिसल रहे हैं।

दर्जनों मवेशी मृत पाए गए हैं, जबकि बड़ी संख्या में मवेशी बह गए हैं, जिनकी तलाश हो रही है। तालाब फूटने से हुई बर्बादी से ग्रामीणों के समक्ष बड़ी मुसीबत है। उनकी रोजी-रोेटी और घर-गृहस्थी का सामान जलमग्न हो गया।

मंगलवार की सुबह जब तेज प्रवाह के साथ पानी ग्राम टूडनी और फिर रहमा और इसके बाद देवरी व झामर में घुसा तो लोगों को लगा कि आसपास तेज बारिश हुई है, जिससे पानी बहकर आ रहा है, जलस्तर बढ़ रहा है। लेकिन कई घंटे बाद पता चला कि ग्राम टूडनी में वन विभाग का एक और किसी कावरा के 4 तालाब हैं, जो पिछले दिनों और हाल ही में हुई बारिश से पानी के जमाव को सहन नहीं कर सके और उनकी मेढ़-तटबंध टूट गए, जिससे तालाब का सैलाब गांव में घुस रहा है।

पाचों तालाब का कई गैलन फिर क्यूसेक पानी ग्राम टूडनी फिर रहमा, झामर और देवरी को जलमग्न कर गया। कई फुट पानी लोगों के घर में घुसा है, पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है, लोगों की घर-गृहस्थी का सामान, अनाज, बिस्तर और अन्य उपयोगी सामान पूरा जलमग्न हो गया। आफत इतनी जल्दी और अप्रत्याशित आई कि लोग संभल ही नहीं पाए। सैकड़ों हेक्टेयर की फसल जलमग्न हो गई, धान-मक्का और अन्य ग्रामीण क्षेत्रों की फसल पूरी तरह पानी में बर्बाद हो गई है।

सैकड़ों मकानों में पानी घुसा, रोते-बिलखते रहे ग्रामीण

टूडनी तो जंगल से घिरा है, यहां वन विभाग का बड़ा तालाब है, लगभग 500-साढ़े 500 की आबादी है। सालीचौका से लगा रहमा गांव करीब 700-800 की आबादी का है, झामर-देवरी भी लगभग 500-600 आबादी वाले गांव हैं। इस तरह करीब ढाई हजार की आबादी वाले 4 गांव पर इस अप्रत्याशित आफत ने कोहराम मचा दिया है। लोगों का अनाज, घर-गृहस्थी का सामान पानी में जब तर-बतर हो गया, जलमग्न हो गया तो लोग रोते-बिलखते रहे।

विशेषकर गरीब लोगों ने अपने बरसात के 4 महीने के लिए रखा गेहूं, चना और अन्य अनाज तर-बतर पानी में हाथ में उठाते ही रोते-बिलखते रहे। एक नजारा यह देखिए कि ग्राम निवासी जमुना बाई पति शालक राम नौरिया की झोपड़ी जमींदोज हो गई है, उनके घर के अंदर रखा घर-गृहस्थी का सामान जलमग्न हो गया।

वहीं मुल्लू नोरिया, हल्के नोरिया, बड्डन कोटवार का 8 बोरा गेहूं पानी में जलमग्न होकर फूल गया। स्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्र, घर, समुदाय भवन कई फुट पानी से भरे हैं। मलखान पटैल, तुलसीराम किरार, सुरेश हरिजन, नन्हेलाल नोरिया, मनीष तिवारी के खेत की फसल बर्बाद हुई है, घर में रखी मूंग-गेहूं कीचड़ और पानी में फूलकर तर-बतर हो गई है।

मवेशी मृत, पचासों गायब

4 गांव में प्राथमिक तौर पर जो संख्या आई है, उसमें एक दर्जन से ज्यादा मवेशी मृत पाए गए हैं, पचासों मवेशी बह गए हैं, जिनकी अभी तलाश हो रही है। लेकिन वह नहीं मिल पाए हैं। कलेक्टर दीपक सक्सेना कहते हैं कि 5 पशु और मृत पाए गए, जिनकी संख्या बढ़कर 10 हो गई। जबकि ग्रामीणों के अनुसार मृत मवेशियों की संख्या दर्जन भर से अध्ािक है और कई दर्जन गायब हैं। इस संख्या का अंदाज इसलिए नहीं हो सकता कि लोग पहले स्वयं को और अनाज को बचाने में लगे हैं और अफरा-तफरी की वजह से वह कुछ बोलने की स्थिति में नहीं हैं।

मकान की कच्ची दीवारें ढह गईं

लगभग गरीब ग्रामीण बाहुल्य इलाके के यह गांव खेतिहर मजदूरों, किसानों के हैं। अचानक गांव में घुसे कई फुट पानी से घासफूस, मिट्टी और अरहर की फसल के खरैड़ा से बने मकान की कच्ची दीवारें ढह गईं। लोगों के देखते ही देखते कई झोपड़ियां, मकान पानी में समां गए, ढह गए। लोग अपने ही आशियाने को ढहते-खिसलते देख रहे थे और बिलख रहे थे। कलेक्टर दीपक सक्सेना कहते हैं कि प्रारंभिक तौर पर जो देखने को मिला है, उसमें 5 मकान ढह गए हैं, 15-20 मकान आंशिक तौर पर प्रभावित हुए हैं।

मौके पर कलेक्टर, एसपी, होमगार्ड की टीम

कलेक्टर दीपक सक्सेना कहते हैं कि पहले तो यह जानकारी थी कि अधिक बारिश हुई है, जिससे पानी गांव में घुसा है, बाद में पता चला कि तालाब फूटे हैं। एक्चुली टूडनी में फारेस्ट का एक और किसी कावराजी के 4 तालाब हैं। टूडनी जंगली इलाका है, इसलिए खबर देर से मिल पाई। कलेक्टर दीपक सक्सेना, पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरूकरण सिंह, गाडरवारा एसडीएम राजेश शाह समेत होमगार्ड की पूरी टीम मौके पर पहुंची।

गाडरवारा विधायक सुनीता पटैल ने घर-घर जाकर पीड़ितों से मुलाकात की, उन्हें सांत्वना दी। सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी केन्द्र में ठहरने की व्यवस्था की। स्वास्थ्य महकमे की टीम ने भी ऐहतियात के उपाय किए। स्वास्थ्य विभाग के कमलेश बाथरे के अनुसार 31 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाईयां दी गई हैं, क्लोरीन की गोलियां और ब्लीचिंग पाउडर भी डाला गया है।

गाडरवारा विधायक सुनीता पटेल ने रहमा गांव में पीड़ितों को सुनी, अनेक को 2-2 हजार रुपए की तात्कालिक आर्थिक सहायता दी, ताकि वह राशन-पानी खरीद सकें। प्रशासन ने भी आश्वस्त किया है कि जल्द ही आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

होमगार्ड की टीम कर रही है सहायता, भेजेंगे पीएचई की टीम

वहां होमगार्ड की टीम भी तैनात कर दी गई है, ग्रामीणों की हरसंभव सहायता की जा रही है। फारेस्ट का और 4 निजी तालाब कैसे फूट गए, इस बारे में तो अभी तो कुछ नहीं कहा जा सकता। अब वहां पानी भरा है, लेकिन पीएचई की टीम को बुधवार को जांच के लिए भेजा जाएगा। अब तक 4 गांव में करीब 10 मवेशी, 5 मकान ढहने, 15-20 मकान आंशिक तौर पर प्रभावित होने और फसल प्रभावित हुई है। मौके पर पशु चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी मौके पर भेजा जा रहा है।

दीपक सक्सेना, कलेक्टर नरसिंहपुर (यह पूछे जाने पर कि गांव में अब स्थिति क्या है और क्या तालाब मेंटेनेंस नहीं होने की वजह से फूटे हैं)

कर रहे हरसंभव मदद

गांव में कैसे जलभराव की स्थिति निर्मित हुई है, इसकी जांच कराई जाएगी। पीड़ितों को शासन द्वारा हरसंभव मदद की जा रही है और सर्वे कार्य के उपरांत शीघ्र ही राहत राशि भी दी जाएगी। जिससे गरीब पुन: अपने मकान बना सकें।

राजेश शाह, एसडीएम गाडरवारा

दी जा रही शीघ्र राहत

गरीबों का काफी नुकसान हुआ है, कैसे-कैसे करके गरीबों ने अनाज एकत्रित किया था, लेकिन बाढ़ के कारण सब बर्बाद हो गया। गरीबों की मदद के लिए मैं हमेशा खड़ी हूं, जो भी उन्हें परेशानी होगी उन्हें स्वयं दूर करूंगी और अधिकारियों से भी शीघ्र राहत पहुंचाने की बात हुई है।

सुनीता पटेल, विधायक गाडरवारा

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