नरसिंहपुर

चलो चलें

चांदनी – के,फूल – झरकर,
कुछ ना कुछ,बहते ही होंगे,
एक – सुन्दर,सी – कहानी,
झील को,कहते ही – होंगें,
एक मन है,और – हजारों,
बात – कह,लेना – कभी,
चलो – चलते,हैं – बुलाने,
नींद – के,सपने – सभी.

हींग रख,ली है,जरा सी,
धूप की,पुड़िया भी – है,
तुम जो हो,तो सामने को,
रंग – की,गुड़िया भी – है,
करके,पल को,बंद आँखें,
तारे – देखेंगे – अभी,
चलो – चलते,हैं – बुलाने,
नींद – के,सपने – सभी.

आज,कल की,बात थोड़ी,
आँख – से,भी दूर – है,
क्या करें जो,शाम पहले,
दिखती कुछ,मगरूर है,
भोर का,पैकेट मुलायम,
आवाज – देता,है – दबी,
चलो – चलते,हैं – बुलाने,
नींद – के,सपने – सभी.

अवनि

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