नरसिंहपुर

आम लोगों की समस्याओं का तत्परता से निराकरण करें- प्रभारी सचिव श्रीमती देशमुख

प्रभारी सचिव ने की जिले में योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा

नरसिंहपुर13 अगस्त 2019. आयुक्‍त मप्र गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल और जिले की प्रभारी सचिव श्रीमती सी. खोंगवार देशमुख ने जिला पंचायत के सभाकक्ष में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के जिले में क्रियान्वयन की विभागवार समीक्षा की। श्रीमती देशमुख ने कहा कि आम लोगों की समस्याओं का निराकरण तत्परता से सुनिश्चित किया जावे। उन्होंने पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ शीघ्रता से दिलाने पर जोर दिया।

         बैठक में प्रभारी सचिव श्रीमती देशमुख ने जय किसान फसल ऋण माफी योजना, रबी/ खरीफ फसलों का उपार्जन एवं किसानों को राशि का भुगतान, नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, विद्युत की उपलब्धता एवं वितरण, खाद/ बीज की उपलब्धता एवं वितरण, वनाधिकार पट्टों का वितरण, तेंदूपत्‍ता पारिश्रमिक भुगतान, विद्यार्थियों को साईकिल वितरण, गरीबों के लिए आवास निर्माण, आंगनबाड़ी कार्यक्रम के क्रियान्वयन व पोषण आहार वितरण, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के राशन के वितरण, मरीजों को औषधियों की उपलब्धता, स्वास्थ्य सेवाओं, सड़कों, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आम नागरिकों की लंबित शिकायतों के निराकरण, मनरेगा के कार्यों, गौशाला निर्माण आदि की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने शासन स्तर से निराकरण के लिए अपेक्षित विषयों की समीक्षा भी की।

         बैठक में कलेक्टर श्री दीपक सक्सेना, पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरन सिंह, वन मंडल अधिकारी श्री एमआर बघेल, अपर कलेक्टर मनोज ठाकुर, सीईओ जिला पंचायत केके भार्गव, अनुविभागीय राजस्व अधिकारी श्री महेश कुमार बमनहा, डिप्टी कलेक्टर श्री डीएस तोमर, विभिन्‍न विभागों के जिला प्रमुख, और अन्य अधिकारी मौजूद थे।

         प्रभारी सचिव ने चना, मसूर उपार्जन से संबंधित किसानों के भुगतान, गन्‍ना किसानों के भुगतान और उड़द/ मूंग उपार्जन के मामलों की समीक्षा की और शासन स्तर से निराकरण सुनिश्चित किये जाने पर जोर दिया।

         प्रभारी सचिव श्रीमती देशमुख ने जिले में मातृ- मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर, बाल मृत्यु दर एवं सकल प्रजनन दर में सुधार लाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए विश्‍लेषण कर कारणों का पता लगाया जावे और इस संबंध में विशेष प्रयास कर सुधार लायें। इसके लिए कार्य योजना तैयार की जावे। इस दिशा में स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग मिलकर प्रभावी तरीके से उपलब्ध संसाधनों के अनुसार कार्य करें।

         प्रभारी सचिव श्रीमती देशमुख ने पशु चिकित्सा सेवायें की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि पशुओं को बरसात के मौसम में होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण कराया जाये। आवश्यकतानुसार पशुओं का उपचार सुनिश्चित किया जावे।

         उन्होंने जिले में विद्युत आपूर्ति की जानकारी ली। विद्युत वितरण कम्पनी के अधिकारी ने बताया कि जिले के नगरीय क्षेत्रों में औसतन 24 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू फीडरों पर औसतन 24 घंटे और कृषि फीडरों पर औसतन 10 घंटे विद्युत प्रदाय की जा रही है। प्रभारी सचिव ने विद्युत आपूर्ति में ट्रपिंग की समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिये। उन्होंने मेंटेनेंस कार्यों व इसमें लगी टीमों के बारे में जानकारी ली और तत्परता से सुधार कराने पर जोर दिया।

         प्रभारी सचिव ने जिले में पेयजल की उपलब्धता की समीक्षा की। बैठक में अवगत कराया गया कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 343 नल- जल प्रदाय योजनाओं की स्थापना की गई है। साथ ही 11 हजार 192 शासकीय हैंडपंप भी स्थापित किये गये हैं। शहरी क्षेत्रों में जलावर्धन योजना एवं मुख्यमंत्री पेयजल योजना के अंतर्गत कुल 10548 लाख रूपये लागत की योजनाओं के कार्य प्रगतिरत हैं। प्रभारी सचिव ने जिले में भू- जल स्तर नियमित की रूप से मॉनीटरिंग कर आगामी 2 से 3 वर्ष की रणनीति तैयार करने पर जोर दिया।

         बैठक में बताया गया कि जय किसान फसल ऋण माफी योजना के अंतर्गत जिले में प्रथम चरण में ऋण माफी के लिए पात्र 20 हजार 884 किसानों में से 20 हजार 320 किसानों का 6872.31 लाख रूपये का ऋण माफ किया गया है।

         रबी विपणन वर्ष 2019- 20 के अंतर्गत पंजीकृत किसानों से चना/ मसूर एवं गेहूं फसलों का उपार्जन कर लगभग 98 प्रतिशत भुगतान की राशि प्रदत्‍त की जा चुकी है। खरीफ विपणन वर्ष 2019- 20 के अंतर्गत मूंग, उड़द एवं धान के पंजीकृत किसानों को 75 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है।

         बैठक में बताया गया कि जिले में वनाधिकार अधिनियम के तहत 3455 व्यक्तिगत एवं सामूहिक दावे प्रस्तुत किये गये, जिसमें से 1446 स्वीकृत कर हक प्रमाण पत्र जारी किये गये। निरस्त दावों का पुनरीक्षण किया जा रहा है।

         प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के तहत वर्ष 2016- 17 से 2018- 19 तक लक्षित 44 हजार 404 के विरूद्ध 42 हजार 249 आवास पूर्ण किये जा चुके हैं। इसी प्रकार शहरी क्षेत्रों में 13 हजार 117 के विरूद्ध 2495 आवास पूर्ण किये जा चुके हैं। मनरेगा के अंतर्गत जिले को 30 गौशालाओं के निर्माण का लक्ष्य है।

         प्रभारी सचिव को अवगत कराया गया कि जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को लोकोन्मुखी बनाने के लिए राजस्व शिविरों एवं जनसुनवाई की नवीन व्यवस्था लागू की गई है। जिले के चार अनुविभागों में 64 शिविरों का आयोजन कर 4 हजार 413 राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नि:शुल्‍क उड़ान कोचिंग संचालित की जा रही है। इसमें अधिकारियों एवं शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।

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