नरसिंहपुर

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन 8 अगस्त को एक से 19 वर्ष तक के बच्चों को खिलाई जायेगी कृमिनाशक गोली

नरसिंहपुर07 अगस्त 2019. राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन 8 अगस्त को किया जायेगा। इस दिन अभियान चलाकर एक से 19 वर्ष तक के बच्चों को कृमिनाशक एलबेंडाजोल गोली नि:शुल्‍क खिलाई जायेगी। जिले की सभी शासकीय व अनुदान प्राप्त शालाओं, आदिवासी छात्रावासों, आश्रम शालाओं, निजी विद्यालयों, केन्द्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, मदरसों तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों को कृमिनाशक गोली खिलाई जायेगी। इसके बाद 13 अगस्त को मॉप- अप दिवस पर छूटे हुये बच्चों को यह गोली खिलाई जायेगी। जिले में तीन लाख 72 हजार 142 बच्चों को कृमिनाशक गोली देने का लक्ष्य रखा गया है। एक से दो वर्ष तक के बच्चों को एलबेंडाजोल की आधी गोली और दो से 19 वर्ष तक के बच्चों को एलबेंडाजोल की एक गोली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं शिक्षक हरेक बच्चे को अपने सामने खिलायेंगे।

         अभियान के दौरान एक से 5 साल तक के बच्चों को यह गोली आंगनबाड़ी केन्द्रों में और 6 से 19 साल तक के बच्चों को यह गोली स्कूलों में खिलाई जायेगी। शाला अप्रवेशी एवं शाला त्यागी बच्चों को आंगनबाड़ी केन्द्रों में गोली खिलाई जायेगी। एलबेंडाजोल बच्चों के लिए सुरक्षित गोली है।

         उल्‍लेखनीय है कि कृमि संक्रमण से बच्चों के स्वास्थ्य पर खून की कमी, कुपोषण, भूख नहीं लगने, बैचेनी, पेट में दर्द, उल्टी और दस्त व वजन में कमी आने जैसे अनेक दुष्प्रभाव होते हैं। कृमि का नाश हो जाने से बच्चों की खून की कमी में सुधार होता है और बच्चों का पोषण स्तर बेहतर बनता है, इससे उनकी कार्य क्षमता, सीखने की क्षमता में सुधार होता है। कृमि का नाश होने से बच्चों के सम्पूर्ण शारीरिक और मानसिक विकास में मदद मिलती है। बच्चों की शालाओं में उपस्थिति बढ़ती है और उनकी पढ़ाई में एकाग्रता आती है।

         एलबेंडाजोल गोली के प्रतिकूल लक्षण/ साईड इफेक्ट बहुत कम हैं। कृमि संक्रमण की अधिकता के कारण चक्‍कर आने, जी मचलाने, सरदर्द, उल्टी- दस्त, थकान जैसे मामूली दुष्प्रभाव हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में जननी एक्सप्रेस/ 108 वाहन की व्यवस्था रहेगी, जिससे पीड़ित को तत्काल चिकित्सकीय उपचार दिया जा सके। स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में एलबेंडाजोल गोली उपलब्ध रहेगी। साथ ही वहां गोली से साइड इफेक्ट होने की दशा में आवश्यक औषधियों की व्यवस्था भी रहेगी। अभियान का संचालन लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, स्कूल शिक्षा, आदिम जाति कल्याण और महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से किया जायेगा।

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