नरसिंहपुर

शाला स्वच्छता कार्यक्रम पर आयोजित हुई कार्यशाला

नरसिंहपुर02 अगस्त 2019. शाला स्वच्छता कार्यक्रम के अंतर्गत जिले की सभी शासकीय शालाओं एवं शाला परिसरों को साफ- सुथरा बनाये रखकर उनकी स्वच्छता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले की सभी जनपदों में विकासखंड स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यशालाओं में स्वच्छता से जुड़ी सुविधाओं की दृष्टि से एक एवं दो स्टार वाली शालाओं को अपग्रेड कर तीन एवं चार स्टार वाली शालाओं में परिवर्तित करने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शुक्रवार को जनपद पंचायत गोटेगांव के सभाकक्ष में प्रधान पाठक, जनशिक्षक एवं स्वेच्छाग्राहियों की उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में जनपद शिक्षा केन्द्र गोटेगांव के तहत आने वाली एक स्टार वाली 13 एवं दो स्टार वाली 46 शालाओं सहित कुल 59 शालाओं के स्वच्छता के स्तर को सुधारने के लिए प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला का आयोजन जनपद शिक्षा केन्द्र एवं यूनिसेफ की सहयोगी संस्था रॉस इंडिया के तत्वावधान में किया गया।

         कार्यशाला में प्रशिक्षुओं से शालाओं की स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील होकर पूरी सक्रियता से कार्य करने को कहा गया। साथ ही मेरी शाला मेरी जिम्मेदारी के अनुसार सभी स्वच्छता सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की क्षमतावर्धन पर जोर दिया गया। सभी प्रधान पाठकों से अपेक्षा की गई कि समय सीमा में शालाओं के स्वच्छता स्तर को बेहतर बनायें। शाला स्वच्छता के घटकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यशाला में बताया गया कि जिन शालाओं का स्वच्छता स्तर बेहतर होगा, उन्हें स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के लिए नामांकित किया जायेगा। ये पुरस्कार जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर प्रदान किये जाते हैं।

         कार्यशाला में सीईओ जनपद गणेश पांडेय ने शाला स्वच्छता से संबंधित गतिविधियां सक्रियता से संचालित कर समय सीमा में कार्य पूर्ण करने पर जोर दिया। बीआरसी प्रहलाद सिंह देवैया ने शालाओं के स्वच्छता स्तर को बेहतर बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया।

         राज्य शिक्षा केन्द्र एवं यूनिसेफ की सहयोगी संस्था राईजिंग आर्यावर्त वेलफेयर सोसायटी- रॉस इंडिया के प्रतिनिधि देवेन्द्र उपासनी ने स्वच्छ विद्यालय के महत्व, इसके घटक, आगामी रणनीति, बाल केबिनेट, साबुन से हाथ धोने की व्यवस्था एवं हाथ धुलाई की नियमित मॉनीटरिंग, किशोरी बालिकाओं द्वारा माहवारी स्वच्छता आदतों को अपनाने, स्वच्छता सुविधाओं के रखरखाव, शाला प्रबंधन समिति की क्षमतावर्धन एवं रेट्रोफिटिंग के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हाथ धुलाई समूह में कराई जावे। स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के बारे में उन्होंने जानकारी दी। उन्होंने शाला स्वच्छता कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

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