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RSS ने जाति आधारित भेदभाव और भीड़-हिंसा को समाप्त करने का बीड़ा उठाया ।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बांके बिहारी की नगरी वृंदावन के वात्सल्य ग्राम में शनिवार को सामाजिक सद्भाव पर बैठक हुई जिसमें इस बात पर मंथन किया गया कि समाज के सभी वर्गों को हिंदुत्व की विचारधारा से कैसे जोड़ा जाए। इसके लिए संघ ने जातिवाद की खाई भरने के लिए शाखाओं के अलावा अन्य कार्यक्रम आयोजित करने को कहा है।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक प.पू.डाँ मोहन भागवत ने कहा कि देश में आजकल भीड़-हिंसा के नाम पर हिन्दू धर्म और संस्कृति को बदनाम करने की गहरी साजिश रची जा रही है । उन्होने वृन्दावन के वात्सल्य ग्राम में आयोजित संघ की अखिल भारतीय सामाजिक सद्भाव समिति की द्विदिवसीय बैठक की शुरुआत करते हुए कहा, ‘देश भर में हिन्दू धर्म एवं संस्कृति को बदनाम करने की गहरी साजिश रची जा रही है । कहीं भीड़-हिंसा के नाम पर सियासत करके समाज में घृणा फैलाने का काम हो रहा है तो कहीं गाय के नाम पर। कुछ राज्यों में एक योजना के तहत धर्म परिवर्तन भी कराया जा रहा है। देश में आज जो हालात हैं, उन्हें देखते हुए सभी प्रचारकों को काफी सतर्क रहने की जरूरत है।उन्होने कहा कि जब भिन्न-भिन्न मत-पंथ और उपासना पद्धति के लोग साथ बैठेंगे तो सामाजिक स्तर से कई समस्याएं हल हो जाएंगी संघ के सभी प्रतिनिधियों ने अपने अपने राज्यों की रिपोर्ट यहां बिंदुवार रखी। उन घटनाओं का भी उल्लेख किया गया जिसे लेकर खासी सियासत हुई थी। भीड़ हिंसा (मॉब लिंचिंग) के नाम पर पेश की जा रही गलत तस्वीर को भी यहां माननीय प्रचारकों ने रखा। संघ के पदाधिकारियों का कहना था कि कई मामले इस तरह के सामने आ चुके हैं जहां केवल माहौल बिगाड़ने के लिए एक ही वर्ग के झगड़े को भीड़ हिंसा बता दिया गया। बाद में पुलिस की जांच में भी खुलासा हुआ। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी इस प्रकार के मामले कई जगह सामने आ चुके हैं। यह सब हमारी संस्कृति को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी इस तरह के मामलों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।संघ के सरकार्यवाह श्री भैयाजी जोशी,सह सरकार्यवाह श्री कृष्ण गोपाल और श्री दतात्रेय होसबोले जी ने कहा कि संघ समाज में बिखराव रोकने के साथ ही इस तरह की साजिशों का भी पर्दाफाश करे। समाज के हर वर्ग के बीच जाकर लोगों को बताया जाए कि वे इस प्रकार की घटनाओं से सतर्क रहें। वक्ताओं ने कहा कि अगर भारत में धर्म, संस्कृति व जीवन मूल्य नष्ट हो गए तो यह विश्व में सभी जगह नष्ट हो जाएंगे। इसलिए इन्हें सुरक्षित रखने के लिए हमें संकुचित विचारों से ऊपर उठना होगा। हिन्दू समाज को शक्तिशाली होना होगा, भेदभाव मिटाना होगा तभी हम एक बार फिर गौरवशाली हिन्दू समाज बन पाएंगे व विश्व का कल्याण होगा। इस बैठक में भारतीय सामाजिक सद्भाव समिति से जुड़े उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश, गुजरात, जम्मू कश्मीर, कर्नाटक, केरल, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, त्रिपुरा और मेघालय समेत सभी राज्यों के प्रतिनिधि एवं संघ से जुड़े अन्य संगठनों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

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