Sunday Special

ऐ…नरसिंहपुर !

ऐ…नरसिंहपुर,
भली सी, तुम्हारी लय,
भोला सा, तुम्हारा सुर,
ऐ…नरसिंहपुर !

देखा की, तुम हो,
अलसाये कभी,
दिखा की, तुम हो,
शर्माए, कभी,
फिर लगा पता,
है ह्रदय बड़ा,
जा आया- वो पाया,
जीवन बड़ा,
हैं – तुममे, समाये,
कितने ही गुर,
ऐ…नरसिंहपुर !

नर्मदा किनारे,
है शीश, सु संभारे,
मन में है – तन में है,
खुद ईश्वर, जगा रे,
अम्बर तक,निर्मल एक,
रिश्तों की चादर,
माटी में, अमृत का,
सागर सजा रे,
स्नेही भावों से,
आह्लादित स्नेही उर,
ऐ…नरसिंहपुर !

अवनि

Tags

Related Articles

Back to top button
Close