नरसिंहपुर

“खुशियों की दास्तां” दस्तक अभियान से बालिका रीतिका को मिला लाभ

रीतिका की सेहत में सुधार आने से परिवार में आई खुशियां

नरसिंहपुर24 जुलाई 2019. पांच वर्ष तक के बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए जिले में दस्तक अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान खून की कमी, कुपोषण या अन्य बीमारी से पीड़ित बच्चों की पहचान कर उनका उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी क्रम में दस्तक अभियान की टीम जब बुढ़ैना में घर- घर जाकर सर्वे कर रही थी, तो इस टीम को कुपोषण एवं खून की कमी/ एनीमिया से पीड़ित डेढ़ वर्षीय बालिका रीतिका ठाकुर की जानकारी मिली। इस पर 30 मई को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने रीतिका को जिला पोषण पुनर्वास केन्द्र नरसिंहपुर में भर्ती कराया।

         भर्ती के समय रीतिका का वजन 5 किलो 900 ग्राम था। पोषण पुनर्वास केन्द्र में 14 दिन भर्ती रहने के बाद रीतिका का वजन बढ़कर 6 किलो 570 ग्राम हो गया। रीतिका की मां से कहा गया कि वे रीतिका के लिए चार फालोअप करायें। मां ने दो फालोअप कराये, जिसके बाद रीतिका का वजन बढ़कर 6 किलो 800 ग्राम हो गया। इसके बाद मां द्वारा तीसरा व चौथा फालोअप नहीं कराया। जिस पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने रीतिका के कुपोषण एवं खून की कमी की जानकारी उनके परिवार को दी। इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने 19 जुलाई को रीतिका को फिर से पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कराया गया। जांच के दौरान रीतिका का वजन 6 किलो 125 ग्राम और हीमोग्लोबिन 6 पाया गया। वजन में गिरावट को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनीता अग्रवाल और शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. एआर मरावी ने ब्लड ट्रांसफ्यूजन/ खून लगवाने के लिए कहा गया। खून लगाने के बाद रीतिका की सेहत में तेजी से सुधार आने लगा। रीतिका का वजन फिर से बढ़ने लगा है, अब 22 जुलाई की स्थिति में उसका वजन 6 किलो 290 ग्राम हो गया है। अब रीतिका पोषण पुनर्वास केन्द्र में 14 दिन और भर्ती रहेगी। रीतिका की सेहत में तेजी से सुधार आने के कारण उनके परिवार में खुशियां आ गई हैं। रीतिका की मां ने बताया कि मैंने तीसरी एवं चौथीवार रीतिका की जांच नहीं कराई, इससे मेरी बच्ची कमजोर हो गई थी। अब इसकी सेहत अच्छी है और मैं आगे सभी जांच कराऊंगी। दस्तक अभियान के माध्यम से मेरी बच्ची का कुपोषण एवं खून की कमी पूरी तरह दूर होगी।

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