नरसिंहपुर

कलेक्टर ने ली वन व्यवस्थापन संबंधी बैठक

नरसिंहपुर19 जुलाई 2019. कलेक्टर दीपक सक्सेना ने वन व्यवस्थापन संबंधी बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में ली। बैठक में राज्य शासन के निर्देशानुसार वन विभाग से संबंधित आरक्षित वन, संरक्षित वन वर्गीकरण, राजस्व विभाग की भूमि, निजी भूमि, सामुदायिक वनाधिकार भूमि, वन्य भूमि पर अतिक्रमण, वनाधिकार पट्टा वितरण, पट्टा निरस्तीकरण से संबंधित बिंदुओं एवं समस्याओं के निराकरण पर विचार- विमर्श किया गया। इस बारे में कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये।

         बैठक में वन मंडल अधिकारी एमआर बघेल, अपर कलेक्टर मनोज ठाकुर, अनुविभागीय राजस्व अधिकारी महेश कुमार बमनहा, आरएस राजपूत, जीसी डेहरिया व राजेश शाह, डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी अधिकारी भू- अभिलेख दिनेश तोमर, प्रभारी अधीक्षक भू- अभिलेख एचएल तिवारी, अनुविभागीय वन अधिकारी, रेंजर एवं डिप्टी रेंजर और अन्य अधिकारी मौजूद थे।

         वन मंडल अधिकारी ने बताया कि जिले में चार वन अनुभाग गोटेगांव, नरसिंहपुर, गाडरवारा एवं तेंदूखेड़ा हैं। अनुभाग गोटेगांव 29, नरसिंहपुर 70, गाडरवारा 6 एवं तेंदूखेड़ा 4 वनखंडों में विभाजित है। इस तरह पूरे जिले में 109 वनखंड हैं, जिनका क्षेत्रफल 58015.63 हेक्टर है। बैठक में बताया गया कि राजस्व अनुभाग गाडरवारा में 19, नरसिंहपुर में 93, करेली में 6 व तेंदूखेड़ा में 31 प्रकरण लंबित हैं। इन प्रकरणों का पुन: परीक्षण करने के निर्देश दिये गये। कलेक्टर ने कहा कि लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कर प्रतिमाह प्रतिवेदन भिजवाया जावे।

         बैठक में निर्देश दिये गये कि 109 वनखंडों के राजस्व अनुविभागवार विस्तृत अभिलेख संबंधित अनुविभागीय वन अधिकारी से प्राप्त करने के पश्‍चात एक सप्ताह में आरक्षित वन गठन के संबंध में धारा 6 के नियमानुसार वन व्यवस्थापन अधिकारी सार्वजनिक उदघोषणा का प्रकाशन करेंगे। इस संबंध में नियत समय सीमा में कार्रवाई पूर्ण की जावे। यह कार्रवाई पूर्ण हो जाने पर दावो की जांच की जावे।

         बैठक में यह बात ध्यान में लाई गई कि राजस्व विभाग द्वारा वन विभाग को विनिमय में प्रदत्‍त कुछ ग्राम/ अन्य भूमि पर अतिक्रमण है। इनका सीमांकन कराकर इनमें नियमानुसार कार्रवाई कराने के निर्देश दिये गये। वन परिक्षेत्र में व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वनाधिकार के तहत प्रदाय पट्टों की मौके की स्थिति की जांच करने और निरस्त/ फर्जी पट्टों की अलग से जांच राजस्व एवं वन विभाग की संयुक्‍त टीम द्वारा शीघ्र कराने के निर्देश भी दिये गये।

         इस सिलसिले में कलेक्टर ने निर्देश दिये कि राजस्व एवं वन विभाग के अनुभाग स्तर के अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य कर समस्याओं का समय सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें।

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