नरसिंहपुर

कमिश्‍नर श्री बहुगुणा ने ली माध्यमिक शालाओं के प्रधान पाठकों की बैठक

गुणवत्‍तायुक्‍त शिक्षा गरीबी दूर करने का सबसे अच्छा साधन

नरसिंहपुर04 जुलाई 2019. कमिश्‍नर जबलपुर संभाग श्री राजेश बहुगुणा ने जिले के नरसिंहपुर विकासखंड की माध्यमिक शालाओं के प्रधान पाठकों की बैठक डाईट सभाकक्ष नरसिंहपुर में गुरूवार को ली। बैठक में नरसिंहपुर विकासखंड की 102 माध्यमिक शालाओं के प्रधान पाठक शामिल हुये।

         बैठक में माध्यमिक शालाओं में स्मार्ट क्लास शुरू करने, विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराकर स्वास्थ्य कार्ड तैयार कराने, शालाओं की स्वच्छता समन्वित प्रयासों से सुनिश्चित करने, शालाओं में विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने, विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्कूलों में पौधरोपण और गुणवत्‍तायुक्‍त शिक्षा से संबंधित बिंदुओं पर चर्चा हुई।

         इस अवसर पर कलेक्टर श्री दीपक सक्सेना, पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरन सिंह, डीएफओ एमआर बघेल, संयुक्‍त आयुक्‍त जबलपुर श्री अरविंद यादव, अपर कलेक्टर श्री मनोज ठाकुर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री केके भार्गव, एसडीएम श्री महेश कुमार बमनहा, संयुक्‍त संचालक लोक शिक्षण श्री राजेश तिवारी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री जेके मेहर, डीपीसी श्री एसके कोष्टी, प्राचार्य डाईट श्रीमती गिरदौनिया, प्रधान पाठक और अन्य अधिकारी मौजूद थे।

         बैठक को संबोधित करते हुए कमिश्‍नर ने कहा कि गरीबी को दूर करने के लिए बच्चों को गुणवत्‍तायुक्‍त शिक्षा देना सबसे अच्छा साधन है। शिक्षा सबके लिए बहुत अधिक जरूरी है। शिक्षा के माध्यम से समाज में जो परिवर्तन आता है, वह स्थाई होता है। शिक्षक अच्छी शिक्षा देकर पूरी की पूरी पीढ़ी को बेहतर बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि वे बच्चों में पढ़ने के प्रति जिज्ञासा पैदा करें। उनमें सोचने की प्रवृत्ति को बढ़ावा दें। अच्छा गुरू वह है, जो छात्र को सोचने के लिए प्रेरित करें, उसकी जिज्ञासा को विकसित करे। उन्होंने तकनीकी के प्रयोग को बढ़ावा देकर स्मार्ट क्लास संचालित करने पर जोर दिया।

         श्री बहुगुणा ने कहा कि कक्षा के कमजोर बच्चों पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जावे। शिक्षक का पहला ध्येय यह होना चाहिये कि कक्षा का प्रत्येक बच्चा सभी विषयों में निर्धारित न्यूनतम योग्यता हासिल करे और कक्षा का परीक्षा परिणाम शतप्रतिशत रहे। हर बच्चे पर उतना ध्यान दिया जावे, जितना उसके लिए जरूरी है। उन्होंने स्कूल और बच्चों के प्रति अपनत्व के साथ कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधान पाठक स्कूल और विद्यार्थियों की कमियों को दुरूस्त करने पर ध्यान दें। शासकीय स्कूल का स्तर इस तरह से ऊंचा उठाये कि प्रायवेट स्कूलों के बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ने के लिए प्रेरित हों। शिक्षक आत्म निरीक्षण कर स्वप्रेरणा से कार्य करें। अपने कार्य को चुनौती के रूप में लें। आप जितना बेहतर पढ़ायेंगे, अपनेपन से कार्य करेंगे, लोगों का सिस्टम पर उतना ही भरोसा बढ़ेगा।

         कमिश्‍नर श्री बहुगुणा ने कहा कि शाला भवन और शौचालय की साफ- सफाई की जिम्‍मेदारी अब स्कूल के प्राचार्य, शिक्षक, अन्य कर्मचारियों और विद्यार्थियों को मिलकर लेनी होगी। इसके लिए टीम वर्क से काम करना होगा। साफ- सफाई का काम केवल स्वीपर का है, इस सोच को बदलना होगा। यह सोच समानता की ओर तेजी से बढ़ रहे समाज और बदलते समय को देखते हुए उचित नहीं है। इस बारे में जागरूकता बढ़ानी होगी।

          कलेक्टर श्री दीपक सक्सेना ने सभी शालाओं में दो से पांच पौधे लगाकर उन्हें जीवित रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को पौधों की देखभाल एवं सुरक्षा के लिए प्रेरित किया जावे। संयुक्‍त आयुक्‍त श्री अरविंद यादव एवं संयुक्‍त संचालक श्री राजेश तिवारी ने भी अपने विचार व्यक्‍त किये। जिला शिक्षा अधिकारी ने बैठक के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बैठक के मुख्य 5 बिंदुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

          आभार प्रदर्शन डीपीसी श्री कोष्टी ने और कार्यक्रम का संचालन श्री संजय चौबे ने किया।

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