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बाढ़ व अतिवृष्टि से बचाव की सभी तैयारियां पहले से ही पुख्ता कर लें- कलेक्टर

बाढ़ एवं अतिवृष्टि से बचाव की पूर्व तैयारियों संबंधी बैठक सम्पन्‍न

नरसिंहपुर03 जून2019.बाढ़ एवं अतिवृष्टि से बचाव की पूर्व तैयारियों संबंधी जिला स्तरीय बैठक कलेक्टर दीपक सक्सेना की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। बैठक में कलेक्टर ने बाढ़ एवं अतिवृष्टि से बचाव की सभी तैयारियां पहले से ही पुख्ता कर लेने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये।

बैठक में अपर कलेक्टर मनोज ठाकुर, अनुविभागीय राजस्व अधिकारी महेश कुमार बमनहा, जीसी डेहरिया, आरएस राजपूत व राजेश शाह, डिप्टी कलेक्टर संघमित्रा बौद्ध, सभी जनपदों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी और अन्य अधिकारी मौजूद थे।

कलेक्टर श्री सक्सेना ने निर्देश दिये कि सभी नगरीय निकायों में उन नालों की सफाई तत्काल चालू की जाये, जिनसे बारिश का पानी निचली बस्तियों में घुसने की आशंका रहती है। ट्रेंचिंग स्थलों, मिट्टी की खदानों का निरीक्षण कर लें, यदि ऐसे स्थानों पर कतिपय लोग झोपड़- पट्टी बनाकर रह रहे हों, तो उन्हें हटा दें। बरसात में कचरा और मिट्टी धसकने से जनहानि की आशंका रहती है। नालों के सभी मेन होल्स चैक करवा लें। कोई भी मेन होल खुला नहीं रहे। बारिश का पानी भरने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

कलेक्टर ने निर्देश दिये कि पुराने कुयें, बावड़ियां आदि का निरीक्षण भी कर लें और दुर्घटना की आशंका को समाप्त करें। इस दिशा में सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारी आगामी 10 दिनों में गंभीरता पूर्वक कार्रवाई करें। उपर्युक्‍त कारणों से यदि कोई जनहानि होती है, तो संबंधित मुख्य नगर पालिका अधिकारी व्यक्तिश: उत्‍तरदायी माने जायेंगे।

कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि वे मुख्य नगर पालिका अधिकारी को साथ में लेकर संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्र का भ्रमण करें और यथोचित कार्रवाई सुनिश्चित करायें। एसडीएम भ्रमण कर उन बरगी नहरों की पहचान कर लें, जहां मरम्‍मत की आवश्यकता है। साथ ही नदी से कटाव होने वाले स्थानों की पहचान भी कर ली जावे।

कलेक्टर ने कहा कि नर्मदा एवं उसकी सहायक नदियों, तालाबों, नहरों, जलाशयों के आसपास के बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों, गांवों और अन्य स्थलों को चिन्हित कर आवश्यक तैयारियां अभी से पुख्ता कर ली जावें। संबंधित गांव में ग्राम सभा का आयोजन कर तैयारी पूर्ण कर लें। सभी एसडीएम, तहसीलदार व संबंधित अधिकारी समय सीमा में बाढ़ नियंत्रण एवं आपदा प्रबंधन का प्लान तैयार कर लें। कम्युनिकेशन प्लान, उपलब्ध संसाधन और अन्य वांछित जानकारी को अद्यतन कर लें। संबंधित अमले की ड्यूटी लगा दें। कम्युनिकेशन प्लान अद्यतन जानकारी के साथ अच्छी तरह से तैयार किया जावे। जिला, तहसील, नगरीय निकाय स्तर पर आवश्यकतानुसार कंट्रोल रूम स्थापित किये जावें। जिला आपूर्ति अधिकारी खासतौर पर पहुंचविहीन ग्रामों हेतु खाद्यान्न का पर्याप्त भंडारण कराने आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। होमगार्ड स्थानीय तैराकों को सूचीबद्ध कर लें।

कलेक्टर श्री सक्सेना ने कहा कि बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिये। उनके आश्रय स्थल चिन्हित कर पीने के पानी, भोजन आदि की व्यवस्था पहले से ही कर ली जायें। आपदा/ बाढ़ से बचाव और तत्परता से राहत मुहैया कराने के उद्देश्य से संबंधित व्यक्तियों के नाम, टेलीफोन/ मोबाइल नम्बर की सूची अद्यतन रखी जावे। बाढ़ प्रभावित और पहुंचविहीन गांव में दवाईयों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित हो। सामान्य आशंका वाले गांव और बाढ़ प्रभावित गांव में दवाओं का स्टॉक और विशेष सतर्कता रखी जायेगी। जल जनित/ मौसमी बीमारियों से बचाव की दवाईयों का पर्याप्त भंडारण आरोग्य केन्द्रों और सभी सरकारी अस्पतालों में सुनिश्चित किया जावे।

कलेक्टर ने बैठक में बाढ़ नियंत्रण एवं आपदा प्रबंधन से संबंधित अमले को सतत सक्रिय रहने के निर्देश दिये। एसडीएम के समन्वय से आवश्यक प्रबंध करने के लिए कहा गया। बाढ़ के दौरान पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। संक्रामक बीमारियों से बचाव के उद्देश्य से आवश्यक प्रबंध किये जावें। इस हेतु लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग हैंडपंप/ पेयजल स्रोतों का क्लोरीनेशन करायें। पशुओं के उपचार, टीकाकरण आदि के संबंध में पशु चिकित्सा विभाग आवश्यक प्रबंध करे।

कलेक्टर श्री सक्सेना ने निर्देशित किया कि जिला कमांडेंट होमगार्ड बाढ़ प्रभावित गांव में आवश्यक स्टीमर, नाव, लाइफ जैकेट, रस्सी, टार्च, गोताखोर और होमगार्ड की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। बाढ़ के दौरान आवश्यकतानुसार प्रभावित लोगों को शासकीय भवनों अथवा अन्य चिन्हित स्थलों में ठहराया जायेगा।

कलेक्टर ने बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों, जीर्णशीर्ण व खतरे की आशंका वाले मकानों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिये। बरगी डेम से पानी छोड़ने की पूर्व सूचना संबंधित क्षेत्रों में और सभी संबंधितों को पर्याप्त समय पहले दी जावें।

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