Rajisthan

बहनों को पढ़ाने के लिए लड़की के भेष में करते थे डांस, ऐसी अनोखी थी इनकी कहानी

जब वे 12 साल के थे, तभी उनके माता-पिता का देहांत हो गया। दो बहनों की जिम्मेदारी भी उन पर आ गई थी।
जैसलमेर से निकले युवा डांसर हरीश कुमार ने अपने नृत्य से ‘क्वीन हरीश’ का नाम पाया और दुनियाभर में अपनी पहचान बनाई। सडक़ दुर्घटना में रविवार को उनका निधन हो गया, इससे कला जगत में शोक छा गया। हरीश फिल्म डायरेक्टर प्रकाश झा की फिल्म ‘जय गंगाजल’ में भी नजर आए थे और उन्होंने अपनी प्रस्तुति ‘इंडियाज गॉट टैलेंट’ में भी दी थी। निधन की सूचना के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से लेकर म्यूजिक डायरेक्टर राम संपत, सिंगर मामे खान सहित कई लोगों ने सोशल मीडिया पर अपनी संवेदनाए अभिव्यक्त की। हरीश ने कुछ महीने पहले जवाहर कला केन्द्र में राम संपत के कॉन्सर्ट में प्रस्तुति दी थी।

इस दौरान उन्होंने अपनी जर्नी शेयर करते हुए कहा था कि ‘जब वे 12 साल के थे, तब कैंसर की वजह से उनकी मां का निधन हो गया था। इसके 6 माह बाद ही उनके पिताजी का भी देहांत हो गया। उस वक्त हमारे पास सिर्फ एक पुराना घर था। आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि खाने को भी कुछ नहीं था। माता-पिता के चले जाने के बाद मेरी दो बहनों की जिम्मेदारी मुझ पर आ गई थी। इनके पालन-पोषण और पढ़ाई के लिए काम करना शुरू किया। ऐसे में वे सुबह पोस्ट ऑफिस में काम करते और शाम को विदेशी सैलानियों के सामने लडक़ी के वेश में डांस करते। यहां से अच्छी खासी आमदनी मिलना शुरू हो गई, लेकिन आस-पास के लोगों ने लडक़ी बनने पर मजाक बनाना

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