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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत सात करोड़ किसानों के लिए खुशखबरी

नई दिल्ली:लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया लगभग खत्म हो गई है. लोकसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता हटाने की घोषणा 27 मई को हो सकती है. इसके बाद विकास की स्कीम और सरकारी लाभ देने वाली योजनाएं सामान्य रूप से चलनी शुरू हो जाएंगी. मोदी सरकार की गेमचेंजर स्कीम प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना इन्हीं में से एक है. आचार संहिता खत्म होते ही तकनीकी रूप से वे किसान भी इस स्कीम के तहत पैसा पाने के हकदार हो जाएंगे जिन्होंने 10 मार्च से पहले रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया था. ऐसे सवा सात करोड़ किसानों के लिए ये खुश होने का वक्त है. देश के 4.76 करोड़ किसानों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है. नरेंद्र मोदी के दोबारा सत्ता में आने का किसानों को यह फायदा है कि यह स्कीम चलती रहेगी.

इन सवा सात करोड़ किसानों को सबसे पहले अपने लेखपाल और कृषि अधिकारी से योजना का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ेगा. इसके बाद अधिकारी वेरीफिकेशन करेंगे और किसान के बैंक खाते में खेती के लिए पैसे आने शुरू हो जाएंगे.  जिन पौने पांच करोड़ किसानों का रजिस्ट्रेशन हो चुका था उनमें से करीब तीन करोड़ के अकाउंट में दो-दो हजार रुपये की दो किस्त डाली जा चुकी है. जबकि शेष किसानों को एक किस्त. (ये भी पढ़ें: किसानों के अच्छे दिन, खेती-किसानी से जुड़ा है 17वीं लोकसभा का हर चौथा सांसद!)

कृषि मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, जिनका प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम में 10 मार्च को आचार संहिता लगने से पहले रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका था. उन्हें पहली और दूसरी किस्त दोनों के पैसे मिलेंगे. इसलिए इससे संबंधित कागजी काम पूरा करने के लिए तैयारी कर लीजिए. अगर रजिस्ट्रेशन नहीं है तो लेखपाल, कानूनगो और कृषि अधिकारी से बात करें.

अगर वहां बात नहीं बन रही है तो सोमवार से शुक्रवार तक पीएम-किसान हेल्प डेस्क (PM-KISAN Help Desk) के ई-मेल Email (pmkisan-ict@gov.in) पर संपर्क कर सकते हैं. वहां से भी न बात बने तो इस सेल के फोन नंबर 011-23381092 (Direct HelpLine) पर फोन करें. मुख्यालय से आपको मदद मिलेगी. क्योंकि सरकार इस स्कीम को लेकर संजीदा है.

इस स्कीम की औपचारिक शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 फरवरी को यूपी के गोरखपुर से की थी. जिसके तहत तीन किस्त में 6000 रुपये 12 करोड़ किसानों को दिए जाने हैं. मोदी सरकार ने यह स्कीम कांग्रेस की कर्जमाफी वाले दांव की काट के लिए लॉंच की थी. यह स्कीम कर्जमाफी पर भारी पड़ी है, यह लोकसभा चुनाव के नतीजे बता रहे हैं.

पैसा पाने के लिए क्या करें
स्कीम का लाभ लेने के लिए कृषि विभाग में रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. प्रशासन उसका वेरीफिकेशन करेगा. इसके लिए जरूरी कागजात होने चाहिए. जिसमें रेवेन्यू रिकॉर्ड में जमीन मालिक का नाम, सामाजिक वर्गीकरण (अनुसूचित जाति/जनजाति),   बैंक अकाउंट नंबर, मोबाइल नंबर देना होगा. लेखपाल और कृषि अधिकारी से सहयोग लें. पहली, दूसरी किस्त के लिए आधार नंबर जरूरी है जबकि तीसरी के लिए इसका बायोमेट्रिक भी लिया जाएगा.

किसे मिलेगा लाभ
फिलहाल तो लघु एवं सीमांत किसान परिवार ही इसके दायरे में आते हैं. परिवार का मतलब पति-पत्नी और 18 वर्ष से कम उम्र के यानी नाबालिग बच्चे हों और ये सभी सामूहिक रूप से दो हेक्टेयर यानी करीब 5 एकड़ तक की जमीन पर खेती करते हों. यानी पति-पत्नी और बच्चों को एक इकाई माना जाएगा. जिन लोगों के नाम 1 फरवरी 2019 तक लैंड रिकॉर्ड में पाया जाएगा वही इसके हकदार होंगे.

किसे नहीं मिलेगा लाभ
केंद्र या राज्य सरकार में अधिकारी (मल्टी टास्किंग स्टाफ / चतुर्थ श्रेणी / समूह डी कर्मचारियों को छोड़कर) एवं 10 हजार से अधिक पेंशन पाने वाले किसानों को इसका लाभ नहीं मिलेगा. पेशेवर, डॉक्टर, इंजीनियर, सीए, वकील, आर्किटेक्ट, जो कहीं खेती भी करता हो उसे इस लाभ का हकदार नहीं माना जाएगा. पिछले वित्तीय वर्ष में इनकम टैक्स का भुगतान करने वाले इस लाभ से वंचित होंगे. एमपी, एमएलए, मंत्री और मेयर को भी लाभ नहीं दिया जाएगा, भले ही वो किसानी भी करते हों.

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