खेल

शिक्षा के साथ साथ खेल भी ज़रूरी

ग्वालियर जीवन में शिक्षा के साथ खेलों का भी विशेष महत्व है। क्योंकि अब खेलों में भी बच्चों के लिए रोजगार के सुनहरे अवसर है। आवश्यकता है कड़ी मेहनत और ईमानदारी से खुद को साबित करत उन मौकों को भुनाने की। यह बात मप्र एमेच्योर वालीबॉल एसोसिएशन के चेयरमैन एवं सेवानिवृत्त आईजी पुलिस रामलाल वर्मा ने कही। वे ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभागियों और प्रशिक्षकों को संबोधित कर रहे थे। अध्यक्षता मप्र राज्य महिला हाॅकी अकादमी के चीफ कोच परमजीत सिंह ने की। जबकि जिला खेल अधिकारी रामाराव नागले विशेष रूप से मौजूद रहे। डॉ. भगवत सहाय सभागार में सोमवार को आयोजित समापन समारोह का संचालन वालीबॉल कोच नरेंद्र तिवारी और हितेंद्र पाल ने संयुक्त रूप से किया।

मप्र खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में एक माह तक संचालित हुए इस शिविर में प्रतिभागियों ने जो भी कुछ सीखा उसे अब जारी रखने की कोशिश करें। चेयरमैन वर्मा ने कहा, अगर ऐसा नहीं किया तो कुछ खेल के बारे में जानकारी मिली है वह व्यर्थ हो जाएगी। इसलिए अपने-अपने खेलों में महारथ हासिल करने के लिए मैदान पर जरुर आएं। अकादमी के चीफ कोच परमजीत ने खेलों में अनुशासन की उपयोगिता के साथ शार्टकट से दूर रहने के बारे में बताया। उनका कहना था कि खेलों में शॉर्टकट का कोई रास्ता नहीं है। अगर कोई इसे अपनाने की कोशिश करता है तो वह लंबे समय तक खेल में टिक नहीं सकता। इसके अलावा उसका भविष्य भी खराब हो जाता है। प्रशिक्षण शिविर के समापन अवसर पर अतिथियों ने प्रतिभागियों को टी-शर्ट एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए। इसके अलावा प्रशिक्षकों को भी ट्रैकसूट का वितरण किया गया। सर्वप्रथम समापन समारोह का शुभारंभ दो बच्चों ने म्यूजिक की धुन पर आकर्षक योगा की प्रस्तुति दी। समारोह के दौरान इमरान खान, माया परमार, हेमा, संगीता दीक्षित, राजू सेंगर, अशोक चव्हाण, सुनील साहु, मुख्तियार सिंह और सुशील शर्मा आदि प्रशिक्षक उपस्थित थे। गौरतलब है कि इस बार 22 खेलों में 2757 बालक और 1994 बालिकाओं सहित कुल 4751 प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था।

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