राष्ट्रीय

तलबारबाजी, क्रॉसकंट्री रिले, साइक्लिंग डीयू में स्पोर्ट्स कोटे से आउट

नई दिल्ली. डीयू स्पोर्ट्स काउंसिल, स्पोर्ट्स कोटे के तहत एडमिशन को लेकर दिए गए आदेश में उलझ गई है। दिल्ली यूनिवर्सिटी ने स्पोर्ट्स कोटे में उन्हीं खेलों को शामिल करने का निर्णय लिया है जो ओलिंपिक, एशियन और कॉमनवेल्थ गेम्स में शामिल हैं। लेकिन नए सत्र के लिए कॉलेजों को जो गाइडलाइन भेजी है, उसमें कुछ खेल तो मापदंड के शामिल हैं लेकिन अब कुछ खेल ऐसे हैं जो तीनों प्रतियोगिताओं में नहीं खेले जाते। पिछले साल तक खेले जाने वाले कई खेलों को उसने हटाया है। डीयू स्पोर्ट्स काउंसिल ने अपना फैसला आंशिक तौर पर लागू किया है। डीयू के स्पोर्ट्स डायरेक्टर अनिल कलकल से मोबाइल पर संपर्क किया गया, लेकिन फोन नहीं उठाया।

 

हटाए गए खेल

इस साल साइकलिंग, तलवारबाजी, क्रॉस कंट्री रिले, बेस बॉल, बॉडी बिल्डिंग, सॉफ्टबॉल, पावर लिफ्टिंग, नेटबॉल को हटा दिया गया है। इनमें तलवारी, क्रॉसकंट्री रिले, साइकलिंग जैसे खेल एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलिंपिक गेम्स में शामिल हैं। खो-खो और क्रिकेट भी लिस्ट में शामिल हैं। (महिलाओं की नेटबॉल ओलिंपिक गेम्स में शामिल है। लेकिन इसे हटा दिया है।)

 

एक्स्ट्रा एक्टीविटीज व स्पोर्ट्स कोटे के लिए 5% सीटें
दिल्ली यूनिवर्सिटी में स्पोर्ट्स कोटे व एक्सट्रा एक्टीविटीज के लिए 5 प्रतिशत सीटें निर्धारित हैं। इस बार एडमिशन कमेटी ने सभी कॉलेजों को स्पोर्ट्स कोटे व एक्स्ट्रा एक्टीविटीज को तव्वजो देने का फैसला किया है। इसके तहत कॉलेजों को दोनों कोटे में एडमिशन देना होगा। हालांकि ये कॉलेज पर निर्भर है कि वह किस अनुपात में स्पोर्ट्स व एक्स्ट्रा एक्टीविटीज में एडमिशन देंगे।

 

खेल मंत्रालय ने सभी यूनिवर्सिटी को भेजे सुझाव
डीयू एडमिशन कमेटी के सदस्य ने बताया स्पोर्ट्स कोटे में एडमिशन के लिए खेल मंत्रालय की ओर से देश की सभी यूनिवर्सिटीज को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसमें कहा गया स्पोर्ट्स कोटे में उन्हीं खेलों को शामिल करें, जो ओलिंपिक, कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में शामिल हों।

 

इधर, उठी आवाज| दिल्ली यूनिवर्सिटी फिजिकल एजुकेशन टीचर्स एसोसिएशन ने जताया विरोध

 

दिल्ली यूनिवर्सिटी फिजिकल एजुकेशन टीचर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल ने स्पोर्ट्स डायरेक्टर से मिलकर खेलों को हटाए जाने का विरोध किया है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल डॉ. विवेक चौधरी ने बताया कि स्पोर्ट्स काउंसिल की बिना बैठक के किसी खेल को हटाया नहीं जा सकता है। ये पूरी तरह से गलत है। अगर ओलिंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में शामिल खेलों को ही स्पोर्ट्स कोटे के तहत लाना है तो उस नियम का कड़ाई से पालन करना चाहिए। हमारी मांग है कि यूनिवर्सिटी को ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी एसोसिएशन के कलेंडर में शामिल खेल नहीं हटाने चाहिए। समस्या यह भी है कि पिछले साल जिनका एडमिशन हो चुका है, उनका क्या होगा। उन खिलाड़ियों का भविष्य खराब हो जाएगा। इस बारे में ध्यान देना चाहिए।

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